2021-22 (रेशमकीट पालनकर्ता)
| क्र.सं. | विवरण | ब्यौरा |
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1. |
किसान का नाम : |
श्रीमती सुकुमति |
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2. |
आयु : |
53 |
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3. |
गांव का नाम : |
टहकापाल, छपर भानपुरी, जगदलपुर, बस्तयर |
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4. |
राज्य : |
छत्तीसगढ |
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5. |
कीटपालित फसलें : |
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पहली : |
200 |
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दूसरी : |
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तीसरी : |
200 |
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6. |
फसलों से प्राप्त आय: |
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पहली : |
15437 |
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दूसरी : |
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तीसरी : |
13399 |
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7. |
केंद्र का नाम : |
कोसा बीज केंद्र, छपर भानपुरी |
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8. |
तसर संवर्धन से पहले वह क्या कर रहा/रही थी ? |
दैनिक श्रम |
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9. |
उसके द्वारा आय का उपयोग कैसे किया जाता है ?: |
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10. |
लाभ प्राप्त करने के लिए उसके द्वारा क्या अतिरिक्त प्रयास किए गए ?: |
वह पिछले 12 वर्षों से रेशम उत्पाएदन को को अपना रही हैं । रेशम उत्पादन के माध्यम से अर्जित आय से उसने अपने घर में प्लास्टरिंग और अन्य मरम्मत के काम किए, वह अपने घर के लिए एक मोटरसाइकिल और रंगीन टीवी खरीदने में कामयाब रही । |
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11. |
केंद्र का क्या योगदान रहा ?: |
तकनीकी मार्गदर्शन । रा.रे.वि., छत्तीसगढ़ द्वारा वृक्षारोपण और पालन सामग्री प्रदान की गई । रा.रे.वि. द्वारा रियायती दरों पर रो.मु.च. की आपूर्ति की गई । |
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12. |
क्या वह रेशम उत्पादन की अन्य गतिविधियों, जैसे बीज उत्पादन, रीलिंग और स्पिनिंग, यार्न उत्पादन आदि में रुचि रखती हैं : |
हाँ |
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13. |
चित्र दीर्घा : |
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14. |
किसान का फोटो : |
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15. |
किसान के खेत का फोटो : |
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16. |
किसान का घर : |
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17. |
गांव का फोटो : |
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18. |
क्या कमाई के मुख्य साधन के रूप में रेशम उत्पादन को अपनाया जा रहा है : |
हाँ |













